चीन की क्रांतिकारी टेक्नोलॉजी: पतंग से बिजली बनने वाला पावर-प्लांट
चीन ने हाल ही में एक बहुत बड़ा और आधुनिक कदम उठाया है, जो नवीकरणीय ऊर्जा (renewable energy) के क्षेत्र में एक गेम-चेंजर साबित हो सकता है। उन्होंने काइट एनर्जी टेक्नोलॉजी (Kite Energy Technology) विकसित की है — यानी, पतंग की मदद से बिजली पैदा करना!
पतंग (काइट) कैसे काम करती है
👉 ये पतंग सामान्य पटंग नहीं है, बल्कि एक बहुत बड़ी और पावर जेनरेटिंग डिवाइस है, जो सैकड़ों मीटर की ऊँचाई पर उड़ती है।
👉 पतंग के ऊपर वाली हवाएँ (high-altitude winds) बहुत तेज और निरंतर होती हैं, और उनका उपयोग बिजली बनाने में किया जाता है।
👉 ऊर्जा को जमीन पर भेजने के लिए पतंग को एक तंतु (तार) के ज़रिए जोड़ा जाता है, जिससे बिजली जनरेटर को डायरेक्ट ट्रांसफर होती है।
इसके फायदे क्या हैं?
👉 कम लागत: पारंपरिक पवन टरबाइनों की तुलना में यह तरीका सस्ता पड़ सकता है, क्योंकि इसमें भारी-भरकम स्ट्रक्चर की जरूरत नहीं होती।
👉 स्थान की बचत: ज़मीन पर विशाल पवन फार्म लगाने की बजाय, पतंग का इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे ज़मीन की ज़रूरत कम होती है।
👉 लचीलापन: इसे मुश्किल और ऊँची जगहों पर भी तैनात किया जा सकता है, जहाँ साधारण पवन टरबाइन लगाना मुश्किल हो।
चीन का दूसरा बड़ा कदम: तैरती हुई विंड टरबाइन
केवल पतंग ही नहीं — चीन ने एक और शानदार टेक्नोलॉजी में हरकत की है।
“Qihang” नाम की 20 मेगावाट की फ्लोटिंग विंड टरबाइन तैयार की गई है।
👉 यह टरबाइन समुद्र में तैर सकती है, जिससे गहरी जलराशियों में भी पवन ऊर्जा का उपयोग किया जा सकेगा।
👉 यह भारी समुद्री हालात (जैसे तूफानी हवाएँ) बर्दाश्त कर सकती है, इसलिए ज़्यादा और बेहतर बिजली उत्पादन सम्भव है।

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